नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Coronavirus) से बचाव को देखते हुए आज केन्द्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया है. सबसे बड़ा फैसला सांसदों की सैलरी और उनके एमपी-लैड (MP Lad) को लेकर हुआ है. इसके तहत केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि एक साल तक सांसदों की सैलरी 30 फीसदी काटकर दी जाएगी. इसके अलावा अगले 2 साल तक के लिए एमपी-लैड यानी सांसद निधि भी स्थगित कर दी गई है. यह रकम करीब 8 हजार करोड़ रुपए होती है.
राष्ट्रपति और राज्यपाल भी कम वेतन लेंगे
वहीं एक खबर यह भी है कि राष्ट्रपति (President) और राज्यपाल भी स्वेच्छा से एक साल तक 30 फीसदी कम सैलरी लेंगे. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद यह जानकारी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी. जावड़ेकर ने बताया कि ऐसा करने के लिए हम एक ऑर्डिनेंस ला रहे हैं. एक साल की एमपी-लैड एक सांसद की 5 करोड़ और दो साल में 10 करोड़ रुपए होते हैं. इस तरह 2 साल में सभी सांसदों की एमपी-लैड मिलाकर करीब 7900 करोड़ रुपए हो जाएंगे.
लॉकडाउन खोलने के बाद का प्लान तैयार
आपको बता दें कि चीन से फैले कोरोना वायरस भारत समेत दुनियाभर के देशों को अपनी चपेट में ले चुका है. भारत में इस वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा 4000 पार कर गया है. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का आज 13वां दिन है. बाजार बंद हैं. ट्रेनें, बसें, हवाई जहाज, टैक्सियां कुछ भी नहीं चल रही हैं.
ऐसे में सरकार लॉकडाउन को 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से खोलने पर विचार कर रही है. इस बीच ऐसी खबरें भी हैं कि सरकार ने कोरोना के प्रसार को तोड़ने के लिए प्लान-बी भी तैयार कर लिया है. इसके तहत 15 मई के बाद दोबारा लॉकडाउन का ऐलान किया जा सकता है.
'इंडिया टुडे' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अप्रैल को हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में इस प्वाइंट पर भी चर्चा हुई. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई 16 सदस्यीय इस मीटिंग में कोविड-19 के संक्रमण को तोड़ने के लिए प्लान-बी पर विस्तार से चर्चा की गई.