जयपुर (विनोद मित्तल). सरकार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) का ऐलान किया है। परीक्षा 2 अगस्त को होगी। इस परीक्षा में इस बार रिकॉर्ड 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। कारण, इसी साल 31 जुलाई और 4 अगस्त को 7,49,992 प्रमाण-पत्रों की अवधि खत्म होगी, जो 2011 और 2012 में जारी किए गए थे। इस दौरान आरटेट के प्रमाण-पत्रों की वैधता अवधि 7 साल तय थी। 2011 के प्रमाण-पत्रों की अवधि संशोधित परिणाम के चलते 2013 से मानी गई। वहीं, 2017 के 3,18,067 प्रमाण-पत्रों की वैलिडिटी अगले साल अप्रैल में समाप्त होगी। वहीं, 2015 के 1,93,199 सर्टिफिकेट पिछले साल मई में ही रद हो चुके हैं। 2015 और 2017 में रीट सर्टिफिकेट की वैधता 3 साल कर दी गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 12,61,258 रीट-आरटेट योग्यताधारी हैं।
अब तक 1.59 लाख को मिल चुकी नौकरी
अब तक रीट-आरटेट चार बार हुई है। इनमें 1261258 प्रमाण पत्र जारी हुए। इन प्रमाण पत्रों से करीब 159000 नौकरी लग चुके हैं। इस कारण अभी प्रदेश में 1102258 प्रमाण पत्रधारी ऐसे हैं, जो नौकरी नहीं लगे हैं और जिनके प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद उनको नौकरी के लिए नए प्रमाण पत्र की जरूरत होगी।
इस साल 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती
2017 में हुई रीट में 9 लाख अभ्यर्थी बैठे थे। इस बार दोनों लेवल की कुल मिलाकर यह संख्या 13 लाख के पार जा सकती है। क्योंकि जिनके प्रमाण-पत्रों की वैधता समाप्त हो रही है। वे सभी फिर से प्रमाण-पत्र हासिल करने के लिए बैठेंगे। इसके साथ ही करीब ढाई लाख नए बीएड और बीएसटीसी डिग्रीधारी भी रीट का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भाग्य आजमाएंगे। सरकार इस साल 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती करेगी। सभी दौड़ में आना चाहेंगे।
15 दिन में तय कर लेंगे सिलेबस
बेरोजगारों को नए साल का तोहफा देते हुए सरकार ने 2 अगस्त को रीट के आयोजन का ऐलान पहले ही कर दिया है। अब इसका सिलेबस तय करने का काम चल रहा है। अगले 15 दिन में सिलेबस तय कर लिया जाएगा। इसके बाद रीट के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षामंत्री